आओ प्रदूषण रोके हम !

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       भूपेन्द्र राघव

जन्म तिथि / जन्म स्थान – 10-07-1974
अटेरना,(बुलन्दशहर) )
शिक्षा : स्नातक
पता : बी-22 / जी-2, कार्तिका निकेतन,
शालीमार गार्डन एक्स. -।।
साहिबाबाद, गाजियाबाद (उ.प्र.)
पिन : 201005
सम्पर्क सूत्र : 09810742192
ई-मेल :raghav.id@gmail.com
सम्प्रति : मार्केटिंग मैनेजर (वी. एम. एस. बाथवेयर प्रा. लिमिटेड, दिल्ली )
प्रकाशन : हिन्दयुग्म (अंंतरजाल हिन्दी साहित्यिक पत्रिका), हरिगंधा, भावों की हाला (छंद मुक्त पाठशाला, साहित्यिक समूह साझा संग्रह), केदारनाथ-श्रद्धा के पुष्प (भारतीय इतिहास संकलन समिति, साझा संग्रह) एवं अन्य पत्र पत्रिकायें..

सम्मान :
1. गगन स्वर हिंदी सेवी सम्मान -2014(भारतीय साहित्य उत्थान समिति, दिल्ली) एवं आत्मीय मित्रो और सम्बधियों से स्नेह
2. सूर्य कांत त्रिपाठी ‘निराला’ सम्मान – 2017

मेरे बारे में : मां शारदा, मातृभाषा, जननी जन्मभूमि (मात भारती) और
मात-पिता के प्यार का ऋणी,
लिंक :https://www.facebook.com/raghav.bhupendra

आओ प्रदूषण रोके हम
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आओ बच्चो तुम्हें बताऊँ
एक राक्षस की बातें
हरदम मुहुँ खोले फिरता है
चाहे दिन हों या रातें

मूक वार करता है निर्दयी
बच्चों वृद्ध जवानों पर
भारी पड़ जाता है देखो
बड़े बड़े पहलवानों पर

जल थल और हवा में रहकर
सबको नाँच नँचाता है
लापरवाही से अपनी ही
प्रतिदिन बढ़ता जाता है

पहुँचे हुए एक गुरु जी
रात स्वप्न में आये थे
बुरे राक्षस से लड़ने के
कुछ उपाय बतलाये थे

कूड़े कचरे और गन्दगी
से इसका बल बढ़ता है
अति के शोर-शराबे से तो
खाने को चल पड़ता है

बस पेड़ों से डरता है यह
इसलिये पेड़ लगायें सब
हरी-भरी कर अपनी धरती
इसको दूर भगायें सब

दूषित कचड़ा और रसायन
नदियों में नहीं डालें हम
बीमारी के इस राक्षस को
क्यूँकर घर में पालें हम

शोर-शराबा धुआँ रोककर
आओ इसको दूर करें
शहर-शहर और गाँव-गाँव में
हरियाली भरपूर करें

प्रदूषण के खर-दूषण को
आओ मिलकर रोकें हम
पेड़ पुरानों का संरक्षण
नित नये पौधे रोपें हम

जिम्मेदारी अपनी है तो
किसी पर कैसे थोपें हम
आओ प्रदूषण रोकें हम
आओ प्रदूषण रोके हम..

भूपेन्द्र राघव

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1 COMMENT

  1. बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति!!प्रकृति के प्रति मानव को अपना फर्ज बताती रचना!!हार्दिक बधाई!!भूपेन्द्र जी

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