हे कृष्ण !तुम कब आओगे

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 *हे कृष्ण तुम कब आओगे?*(दीपक कुमार,शिक्षक,जालंधर)

हे कृष्ण धरा दूषित हो रही तेरी,
छल कपट की चल रही अधेंरी,
अब अपना सारथी किसे बनाओगे,
हे कृष्ण तुम कब आओगे ?
प्रतिदिन चीर हरण हो रहे,
मानव अवनति में खो रहे,
कब आकर बेटियों की लाज बचाओगे,
हे कृष्ण तुम कब आओगे?
महाभारत में गीता का उपदेश दे दिया,
कर्मयोग का जीवन में संदेश दे दिया,
मानवता का चरित्र कब उठाओगे
हे कृष्ण तुम कब आओगे?
अर्जुन के सहचर बन कर महाभारत जी लिया,
उसने अनुचर बन कर गीता का रस पी लिया,
मन पर अवलम्बन कब बनाओगे
हे कृष्ण तुम कब आओगे?
जीवन तेरे भजन में बीत जाये,
तन काँटा बन कर सूख जाये,
अपनी निर्मल धारा कब बहाओगे,
हे कृष्ण कब आओगे?
न मैं राधा न मैं मीरा,बिन तेरे भी क्या मेरा जीना।
न मैं अर्जुन न मैं सुदामा,सब कुछ मैंने तुमको माना।
अपना मुझे तुम कब बनाओगे,
हे कृष्ण तुम कब आओगे?
हे कृष्ण तुम कब आओगे?
दीपक
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