माँ जैसा चेहरा :रीमा लागूby राजकुमार

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एक माँ जैसा चेहरा!!रीमा लागू

हिंदी फिल्मों के सुनहरे दौर के बाद सिनेमा एक नई दिशा ले चुका था…पुराने चेहरे अलोप हो रहे थे और नए चेहरे स्क्रीन पे अपनी पहचान कायम कर रहे थे..ऐसे में हिंदी फिल्मों की रिवायती मां निरूपा रॉय की जगह एक बेहद दिलकश मुस्कान वाली ऐसी मां ने ली जिसकी गालों पे डिंपल पड़ता था….नाम था रीमा लागू…
रीमा एक मराठा परिवार में 3 फरवरी 1958 को बम्बई में हुआ…माता का नाम मन्दाकिनी भदभदे था और छोटी मोटी स्टेज कलाकार थी…रीमा का असली नाम गुरिंदर भदभदे था और स्कूल स्तर पे इन्होंने स्टेज के जरिये मराठी स्टेज और फिल्मों में काम करना शुरू किया…1979 में एक मराठी फिल्म सिंहासन और 1980 कलयुग के जरिये हिंदी फिल्मों में प्रवेश किया…रीमा विशेष तौर पे सलमान की मां के रोल मे ऐसी फिट नज़र आई कि सचमुच लोग उसे सलमान की मां के तौर पे जानने लगे…1988 में रिलीज हुई कयामत से कयामत तक,1989 में मैंने प्यार किया ,1990 में आशिकी,1991 में साजन, 1994 में ह्म आपके हैं कौन..1998 में कुछ कुछ होता है तथा 2003 में कल हो न हो में इसने विशुद्ध अभिनय करते हुए मां के रोल में अपनी विशेष पहचान कायम कर ली थी…ये सभी इस दौर की कुछ सबसे हिट फिल्में रही हैं……..रीमा का अधिकतर नाता मराठी फिल्मों और मंच से रहा है और उसने अपना कार्य बड़ी संजीदगी से किया है….टी वी पे श्रीमान ,श्रीमती और तू तू,मैं मैं में इन्होंने अपनी विशेष पहचान बनाई….कल दोपहर अचानक पेट दर्द की शिकायत के कारण इन्हें कोकिला बेन हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया जहां 3.15 पे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वो स्वर्ग सिधार गई ।
एक अच्छे कलाकार का दुनिया से अचानक चले जाना एक दुखद पहलू तो है लेकिन….एक बात जो कुछ अच्छी लगी कि खबरों से पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी जी ने रीमा की मौत पे दुख ज़ाहिर किया….रीमा का अभिनय के तौर पे कद इतना ऊंचा नही था ,लेकिन 2 खास हस्तियों द्वारा किया गया शोक इस बात का संकेत देता है कि देश में अच्छी चेतनाएं जन्म लेने लगी है..एक आम इंसान का मूल्य पड़ना शुरू हुआ है ।
दोस्तो ! 59 साल की यह अभिनेत्री कल दोपहर तक एकदम ठीक थी ,एक हल्का सा दर्द उसका आखरी दर्द बनकर उसे ले गया….इसलिए ज़िन्दगी का हर पल सुंदरता,सहजता,प्रसन्नता और सृजनता में गुजारिए ।

रिपोर्ट—एवं लेखन

राजकुमार ,शिक्षक ,अमृतसर।

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1 COMMENT

  1. बेहतरीन अदाकारा का चले जाना सचमुच एक दुखद अहसास है!! हार्दिक संवेदना!!

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