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पुरवा सुहानी चले by Dr.Purnima Rai

पुरवा सुहानी चले बागों में बहार खिले सावन के झूले पडे प्रेम गीत गाइये।। सोलह श्रृंगार करे मांग में सिंदूर भरें हंस-हंस बातें करें रोते को हंसाइये।। तीज...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – घनाक्षरी

           महाराणा प्रताप  1) बलिदानी स्वाभिमानी, वन्दनीय अनुगामी ओज का प्रतीक काल रूप अविराम है । युद्ध में प्रचण्ड सूर्य, जैसे तेजवान तूर्य महाबलशालियों में,...

श्री कृष्ण जन्माष्टमी :अचिन्त साहित्य के संग !!

1*समर्पण (सुशील शर्मा) हे कृष्ण जिस प्रकार एक बछड़ा अपनी माँ के पीछे घूमता है मैं आपके पीछे लगा हूँ। माँ कितना ही दुत्कारे गाय कितना ही उससे दूर हो उसकी...

महीप के चुनाव में (कलाधर घनाक्षरी )

मुकेश कुमार मिश्र शिक्षा ---भौतिकी परास्नातक ए-39 ब्रह्मपुरी लखनऊ । जन्म-तिथि 20 अगस्त व्यवसाय-- उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अधीन 2011 से कार्यरत । कलाधर...

विश्व जल दिवस विशेष

पानी जैसे खून बहे,खून भी सफेद आज; पानी-पानी लोग हुए,प्यासा माँगे पानी है।।   प्योरी फाई घर लगा,व्यर्थ पानी फैंक रहा; पानी पीने को न मिले, पानी से...

राष्ट्र प्रेम :सुरेन्द्र साधक

घनाक्षरी छंद by सुरेन्द्र साधक - दिल्ली - 9899494586   सीमा पर शत्रुओं का उतना है भय नहीं ! जितना कि डर राष्ट्र को आज गद्दारों...

घनाक्षरी :बेटी को बचायें by Dr Purnima Rai

बेटी को बचायें हम बेटी को पढ़ायें सब शिक्षा धन झोली डाल कन्यादान कीजिये।। खून की गिरें है बूंदें देश-हित में ही सदा बढ़ो आगे नौजवानों रक्तदान कीजिये।। धरा होगी दूषित तो मन में भी कुण्ठा जागे तन-मन स्वच्छता को पौधदान कीजिये।। नशा मुक्त युवा पीढ़ी देश का विकास करे सात्विक विचारों का भी अनुदान कीजिये।। डॉ.पूर्णिमा राय,अमृतसर।    

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