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मुट्ठी भर कलरव ( नवगीत )बालदिवस विशेष

मुट्ठी भर कलरव ( नवगीत ) मुट्ठी भर कलरव समेट कर मॊन हो गया चिड़ियाघर ** चित्रों सी शान्त भूमिकाएं भीतर वेताल की कथाएं कटी हुई जीभें लाचार कितना भी पंख फड़फड़ाएं * चुटकी भर दर्द फेंट कर मॊन हो गया चिड़ियाघर ** दृश्य हर तरफ फफूंदिये क्या जिया शहर न पूछिये तार...

गुरुपर्व की हार्दिक बधाई!

नानक-नमन   जब जब तम की चादर फैले परिधान उजले और मन मैले जब-जब पापी बारात लिए कोई बाबर शोर मचाता है तब-तब प्रकाश फैलाने को नानक सा जोगी आता है। जब मलिक भागों का वहम बढे सर पर रावण सा अहम चढ़े छत्तीस...

कुछ ऐसे आ जाए दीवाली!!

कुछ ऐसे आ जाए दीवाली( बालगीत) किसी का दामन रहे न खाली । कुछ ऐसे आ जाए दीवाली ! कल्लू के घर में उत्सव हो ! हामिद मुस्कानों से तर हो ! खुशियाँ नाचे दे -दे ताली कुछ ऐसे आ...

हर जनम में मिले यही सनम

सभी माँ एवं बहनों को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं  हर जनम में मिले यही सनम ये सौभाग्य है मेरा  जो  मिला ऐसा प्रियतम, ये दुआ है हर जनम में मुझे मिले यही सनम। खिलता रहे चेहरा उनका ...

वीर भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितंबर पर विशेष!!

वीर भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितंबर पर विशेष!! 1) जोश-ओ-जुनून (डॉ.पूर्णिमा राय) जोश ओ जुनून छाया था इस कदर चढ़ गये फाँसी!! भुला दिया स्वत्व स्मरण रहा ममत्व भारत माता से!! देश के जांबाज तमन्ना सरफरोशी की रही जीवनपर्यंत!! घड़ियाल बजे रेडियो,अखबार चीखे बम...

नमो आदिशक्ति :वंदना

नमो आदिशक्ति :वंदना नमो आदिशक्ति भवानी नमामि नमो मातु दुर्गे शिवानी नमामि। तू ही आदि माता तू ही सर्वशक्ति तू ही मेरी पूजा तू ही मेरी भक्ति। तू ही अर्चना अर्पणा भी तू ही हो तू आराधना साधना भी तू...

माँ दुर्गा : वंदना(प्रशान्त मिश्रा मन)

माँ दुर्गा : वंदना नमो मात आर्या नमो दक्षकन्या। नमो भगवती माँ नमो मृत्युशय्या। नमो हे सती आद्य दुर्गा अनंता। करो पूर्ण कारज मेरी विघ्न हरता। नमो वृद्धमाता नमो घोररूपा। नमन है तुझे चित्तरूपा स्वरूपा। चली आओ माता धरा फिर पुकारे। सुनो...

रूठे हुये सनम को (डॉ.प्रिया सूफी)

रूठे हुये सनम को (गीत) लिख कर मिटा रहे हैं, कविता बना रहे हैं, रूठे हुए सनम को, कब से मना रहे हैं। उठ कर सुबह पुकारा, बोले अभी नहा लूँ, स्वादिष्ट सा कलेवा, कहते कहाँ उतारूँ। कपड़े नए...

जिन्दगी का सफर

जिन्दगी का सफर( प्रमोद सनाढ्य) जिन्दगी का सफ़र है सुहाना मगर थोडी मुश्किल भरी इसकी राहें डगर गम खुशी का है बँधन यहाँ इस कदर मखमली रास्ते काँटो के हैं शजर जिन्दगी का सफर है सुहाना....... हर पहर मे...

मानवता अपना ले बंदे!

मानवता अपना ले बंदे(सुशील शर्मा) मानवता अपना ले बंदे। मिट जाएंगे सारे फंदे। प्रभु ने तुझ को जनम दिया है। तुझ पर ये उपकार किया है। जिसने मानवता अपनाई। उसने जीवन का उद्धार किया है। छोड़ के सारे गोरख धंधे। मानवता अपना...

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