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मुद्दा हल हो पायेगा ?? (गीत)

मुद्दा हल हो पायेगा ?? (गीत) राम लला की जन्मभूमि का, मुद्दा हल हो पायेगा ?? या बहुमत की खातिर मुद्दा,ही बनकर रह जायेगा ?? नही देखता कोई गौरव, मर्यादा रामायण की । छेड़ रहे हैं चमक विपक्षी,...

मेरो कान्हा

मेरो कान्हा,अति निराला (गीत) समझ न आये तेरे रंग की गोरा है या काला है... जिसके भी प्याले को देखूं तेरे नाम की हाला है... पीले में पीताम्बर   दिखता नीले में नीलाम्बर है... न जाने सब लोग क्यों कहते देवकीनन्दन काला...

मैं तो बहता दरिया हूँ

 मैं तो बहता दरिया हूँ  (गीत)            (राहुल द्विवेदी"स्मित") मेरी कहाँ जरूरत किसको, मैं तो बहता दरिया हूँ । जो चाहे बस प्यास बुझा ले, सस्ती एक गगरिया हूँ ।। सबने अपने दाग...

वीर भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितंबर पर विशेष!!

वीर भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितंबर पर विशेष!! 1) जोश-ओ-जुनून (डॉ.पूर्णिमा राय) जोश ओ जुनून छाया था इस कदर चढ़ गये फाँसी!! भुला दिया स्वत्व स्मरण रहा ममत्व भारत माता से!! देश के जांबाज तमन्ना सरफरोशी की रही जीवनपर्यंत!! घड़ियाल बजे रेडियो,अखबार चीखे बम...

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!!by Dr.Purnima Rai

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!! भारत की न्यारी महिमा को ,लोग देखने आते हैं; संस्कारों की फुलवारी में, फूल खिले मन भाते हैं। प्रेम ,समर्पण ,सहनशीलता , से दुश्मन को मारा है; ...

डॉ.शिवजी श्रीवास्तव:मेरा भारत महान है (राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

डॉ.शिवजी श्रीवास्तव:मेरा भारत महान है यारो मेरे सीने में धड़कता है जो धड़कन बनकर, मेरी रग रग में बहा करता है , जीवन बनकर, मेरी साँसों में महकता है जो चंदन बनकर, वो मेरा मुल्क,मेरा देश मेरा भारत है। मेरा...

सूर्य फिर भी छाएगा

विश्वनाथ तिवारी विश्व निवास- C106 आवास विकास उन्नाव पिन 209801 दूरभाष 98090906565 शिक्षा- स्नातक, बी. टी. सी. सम्प्रति- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत।। सूर्य फिर भी छाएगा (कविता) आवरण कितना सघन हो मन कहाँ छुप जायेगा आज हो या कल...

डॉ.पूर्णिमा राय:भाई मेरा सबसे न्यारा(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

डॉ.पूर्णिमा राय:भाई मेरा सबसे न्यारा भाई मेरा सबसे न्यारा, मैं उसकी प्यारी बहना। दूर कभी मत जाना भैया, मुझको बस इतना कहना।। मात-पिता की सेवा करके, दुःख सभी तुम दूर करो। प्रेम स्नेह की दौलत देकर,सुखों...

माँ दुर्गा : वंदना(प्रशान्त मिश्रा मन)

माँ दुर्गा : वंदना नमो मात आर्या नमो दक्षकन्या। नमो भगवती माँ नमो मृत्युशय्या। नमो हे सती आद्य दुर्गा अनंता। करो पूर्ण कारज मेरी विघ्न हरता। नमो वृद्धमाता नमो घोररूपा। नमन है तुझे चित्तरूपा स्वरूपा। चली आओ माता धरा फिर पुकारे। सुनो...

यह कैसा पाकिस्तान बना

यह कैसे तुम आज़ाद हुए जो लाशों पे आबाद हुए चहु ओर एक श्मशान बना यह कैसा पाकिस्तान बना यह वीररस से भरी हुई भक्ति की कोई किताब थी खुशबू थी इसमें सूफियों की सोहनी की सखी, चनाब थी इस धरा पे...

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