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श्री कृष्ण जन्माष्टमी :अचिन्त साहित्य के संग !!

1*समर्पण (सुशील शर्मा) हे कृष्ण जिस प्रकार एक बछड़ा अपनी माँ के पीछे घूमता है मैं आपके पीछे लगा हूँ। माँ कितना ही दुत्कारे गाय कितना ही उससे दूर हो उसकी निगाह अपने बछड़े पर निरंतर रहती है। वैसे ही मुझे पता है...

बहन का पैगाम भाई के नाम by Dr.Purnima Rai

  1* बहन का पैगाम भाई के नाम         (रक्षा बंधन गीत)by Dr.Purnima Rai याद बहुत करती हूँ भैया राखी के दिन आऊँगी। अपनी गुड़िया रानी को भी सँग अपने मैं लाऊँगी।। बचपन की जो प्यारी राखी तस्वीरों में दिखती...

बचपन के स्कूलों की जगह अब *दुकाने एवँ मॉल बन रहें है!

बचपन के स्कूलों की जगह अब *दुकाने एवँ मॉल बन रही हैं* ------------------------------------------------ जिस स्कूल की छत के नीचे बैठ के खींची पहली रेखा आज उसी स्कूल की छत पर बुलडोजर को चलते देखा जहाँ शारदे के मन्दिर मे दीप ज्ञान...

जीवन यों चलता जाता है!

जीवन यों चलता जाता है! कुछ स्वप्नों में ,कुछ कर्मों में ! कुछ कण्टक वाले पंथों में ! काल का रथ भागा जाता है! जीवन यों चलता जाता है! बिजली या तूफान डरायेँ! आयें चाहे लाख बलायें ! विचलित हृदय न...

झुकेगा सर नहीं अपना, किसी तलवार के आगे!

झुकेगा सर नहीं अपना, किसी तलवार के आगे।* *झुकेगा सर नहीं अपना, किसी तलवार के आगे।* *अटल होकर खड़े होंगे, बुरे व्यवहार के आगे।* बढ़ायेंगे कदम अपने, न जब तक लक्ष्य हो हासिल। बढ़ेंगे नित्य हम अविचल, भले...

वन्दे मातरम्

स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर "वन्दे मातरम" ------------------------------------- वन्दे मातरम् - --------------------------------- जब लिखता हूँ वंदे मातरम् शब्द सबल बन जाते हैं भव्य भवानी भारत भू के भाव प्रबल बन जाते हैं शौणित रक्त शिराओं मे ये खून खोलने लगता है राष्ट्र...

आज़ादी

  आज़ादी ****** आज़ादी हम ले आये हैं आज़ादी का मान करो। भारत माता का प्यारो अब तुम सब मिलकर ध्यान धरो। आज़ादी की ख़ातिर हमने क्या क्या पापड़ बेले हैं। बेड़ी माँ की कटवाने को खून से होली खेले हैं। याद सदा तुम रखना...

वक़्त की कैसी अजब ये मार है !

वक़्त की कैसी अजब ये मार है !(गीत) वक़्त की कैसी अजब ये मार है ! फूल की मासूमियत बीमार है ! ओढ़कर नकली मुखौटे आ गये ! खोखले रिश्ते शहर में छा गये ! आस्था का रंग धूमिल...

हिंदी गीति काव्य के युग हस्ताक्षर नीरज जी को विनम्र श्रद्धांजलि!!

   स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी की उम्दा लेखनी!! सच्चा रचनाकार कभी नहीं मरता जीता है सदियों दिलों विचारों भावों में ,94 साल की दीर्घ आयु और बनते बिगड़ते युग जिये और नश्वर शरीर त्याग दिया,...

माँ तुम्हें सलाम :विभिन्न रचनाकारों का कलाम (मातृदिवस पर विशेष)

आज मातृ दिवस है,भारत माँ और देश की हरेक माँ के चरणों में शत शत वंदन !! 1*माँ की वंदना----प्रमोद सनाढ़्य "प्रमोद" राजसमन्द --------------------------- माँ मंदिर माँ रब की पूजा आदर और सत्कार माँ पाक पैगम्बर ख्वाजा का...

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