सावन आया

 सावन आया   (पादाकुलक छ़ंद) आंगन आंगन ,सावन आया गीत प्रणय का,सबने गाया भोले शंकर की है पूजा नहीं जहाँ में कोई दूजा हर मन ध्यावे,लेकर आशा पूर्ण मनोरथ,न हो...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – दोहा छंद

१*डॉ.पूर्णिमा राय जन्म-तिथि--28दिसम्बर योग्यता ---   एम .ए , बी.एड, पीएच.डी (हिंदी) वर्तमान पता--  ग्रीन एवनियू,घुमान रोड , तहसील बाबा बकाला , मेहता चौंक१४३११४, अमृतसर(पंजाब) ईमेल-drpurnima01.dpr@gmail.com        ...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – माहिया

 १* विभा रश्मि बदायूँ,उत्तरप्रदेश मोबाइल- 09414296536 ईमेल---vibharashmi31@gmail.com   कतरा कतरा दूँगा 1 कतरा कतरा दूँगा माँ मैं  दुश्मन से चप्पा चप्पा लूँगा । 2 सरहद भी जागी है सोयेगा ना वो सैनिक अनुरागी है । 3 सेना को मत...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – तांंटक छंद

१* आशीष पाण्डेय ज़िद्दी शाहनगर, पन्ना मध्यप्रदेश मो....९८२६२७८८३७ ईमेल-ashishpandey173@जीमेल.com           शीश गर्व से ऊँचा   आज हमारी माताओं का,शीश गर्व से ऊँचा है। एक हुए सब भाई-भाई,निर्भय हिन्द समूचा...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – राधेश्यामी छंद

१* प्रवीण त्रिपाठी  उन्नाव, उत्तर प्रदेश ईमेल--pst_5075@yahoo.com मो---9001791890             सीमा को आज बचाना है। सरहद पर खड़े प्रहरियों को,अपना कर्तव्य निभाना है। शत्रु की काली करतूतों...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – आल्हा छंद

1*आभा सिंह विधा- कहानी, कविता ,लघुकथा मो- 088290-59234 abhasingh1944@gmail.com          वीर  कैप्टेन सुनीत बार्नी (जन्म-10अगस्त 1969 ,मृत्यु-9 अप्रैल 1995 यूनिट-16 सिख लाइ रेजीमेंट) भारत माँ का अनमोल रत्न, कैप्टेन सुनीत...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – गज़ल

 नारी नारी है अबला कहलाये कयूँ शक्ति शिव की सी है घबरायें क्यूँ नारी नारी है अबला कहलायें क्यूँ। रूप दुर्गा धरे जब वो दानव लडे़, भीगी बिल्ली...

वीर एवं वीरांगनाएं (विशेषांक, जुलाई 2017) – घनाक्षरी

           महाराणा प्रताप  1) बलिदानी स्वाभिमानी, वन्दनीय अनुगामी ओज का प्रतीक काल रूप अविराम है । युद्ध में प्रचण्ड सूर्य, जैसे तेजवान तूर्य महाबलशालियों में,...

सावन धूम मचा जा (माहिया छंद)

माहिया (आभा सिंह) १ मोर पपीहा बोले बूँदों की रुनझुन जियरा डगमग डोले २ काली बदरी छाई कागा सगुन बता पिय की याद सताई ३ आजा माही आजा दिल की गलियों में सावन धूम मचा जा ४  ...

मैं तो बहता दरिया हूँ

 मैं तो बहता दरिया हूँ  (गीत)            (राहुल द्विवेदी"स्मित") मेरी कहाँ जरूरत किसको, मैं तो बहता दरिया हूँ । जो चाहे बस...

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