दर्द एक जैसा (लघुकथा)by DevRaj Dadwal

दर्द एक जैसा  देवराज डडवाल ( लैक्चरार अर्थशास्त्र),   " इस चिड़िया ने तो हद ही कर दी है , उड़ती ही नही यहां से । चल...

आत्म शक्ति/आत्मविश्वास/आत्मबल पर केन्द्रित लघुकथाएंby Dr Purnima Rai

आत्म शक्ति/आत्मविश्वास/आत्मबल पर केन्द्रित लघुकथाएंby Dr Purnima Rai 1* बूँदाबाँदी (लघुकथा) जब आसमान में उमड़े काले मेघों ने संपूर्ण वसुधा का आंचल भी कालिमा युक्त कर...

हाथी के दाँतby देवराज डडवाल

  देवराज डडवाल जन्म तिथि - 8 जनबरी 1969 शिक्षा - स्नातकोत्तर ( इतिहास व अर्थशास्त्र एवं पत्रकारिता व जनसंचार मे स्नातकोत्तर डिप्लोमा ) सम्प्रति---लैक्चरार(अर्थशास्त्र) राजकीय...

माणो by Dr Purnima Rai

ओ रीटा,सुन !हाँ माणो ! बोल, क्या बात  है? हम दोनों रोज थैला उठा कर बेफ्रिक सी सड़कों की खाक छानती-फिरती हैं तो कभी कूड़ा...

मैसेज़ (लघुकथा)

फोन पर मैसेज़ घंटी की आवाज़ सुनते ही सिमरन ने झट से रोजाना की तरह फोन हाथ में लिया और शीघ्रता से मैसेज पढ़ा...

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