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शोर (लघुकथा) by Dr.Purnima Rai

शोर (लघुकथा) हैलो मैडम!हाय मैम!नमस्कार दीदी!कैसे हैं आप?दीपावली की शुभकामनाएं!दीवाली की सपरिवार ढेरों बधाइयाँ!यह दीवाली आपकी जिन्दगी में खुशियाँ और बहार लेकर आये।आप तन-मन से...

विश्वासघात (देवेंद्र सोनी)

जरा हटके - लघुकथा  - विश्वासघात       उच्चकुलीन परिवार की राधा ने अपनी पढ़ाई पूरी करते - सरकारी नोकरी के लिए भी इंटरव्यू दिए थे...

कड़वा सच (लघुकथा)देवेंद्र सोनी

कड़वा सच (लघुकथा) रात के दो बजने को आए थे पर सोमू का अभी तक कोई पता नही था । फोन का स्विच भी बंद...

गौतम काका (लघुकथा)

गौतम काका (लघुकथा) गौतम काका की खाँसी ठीक नही हो रही है, अपने बेटे सोनू के कहने पर डॉक्टर के पास गये, डॉक्टर ने उनके...

संस्कारों का मान -लघुकथा(देवेंद्र सोनी)

  संस्कारों का मान (लघुकथा) बात रमेश के अस्तित्व पर आकर अटक गई थी । रह-रह कर उसका मन अपनी जिंदगी को यूँ ही खत्म करने...

और रावण जल उठा:डॉ.सुमन सचदेवा “वही रावण जलाये ,जो स्वयं राम...

और रावण जल उठा:डॉ.सुमन सचदेवा दशहरे के त्योहार वाले दिन रामलीला ग्राउंड में रावण,कुंभकरण एवं मेघनाद के तीन विशाल बुत खड़े थे । अभी कुछ...

दृष्टिकोण:आभा सिंह” वही रावण जलाये,जो स्वयं राम है”-दशहरा विशेषांक 2017

आभा सिंह लघुकथा--दृष्टिकोण शहर के प्रमुख अखबार का सर्वे चल रहा था। रावण मंडियों में घूमते पत्रकार अवलोकन करते, तरह-तरह के सवाल पूछते, फोटो खींचते विषय...

निर्भया का भय(डॉ.चन्द्रा सायता)

              निर्भया का भय रंजन, सुलेमान, महेश और मनजीत चारों दोस्त एक सुनसान जगह पर बनी झोंपड़ी के बाहर...

दादी की रोटी (जियाउल हक)

  दादी की रोटी ( लघुकथा) सोनी अपनी दादी के लिए नाश्ता लेकर जाने लगी तो उसकी मम्मी धीरे से बोली "सुन एक बात, आज छः...

पिंडदान

पिंडदान (लघुकथा) अरे सुधीर तुम यहाँ ? सब ठीक तो हैं ना ? अचानक सुधीर को यू पिंडदान करते देख चौंक पड़ा विमल । पूछे बिना...

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