कविताएं

युवा देश का भाग्य बना दो (विवेकानंद जयंती पर विशेष)

युवा देश का भाग्य बना दो (विवेकानंद जयंती पर विशेष) सन 1893...विश्व धर्म का मेला... भगवे से चोले में बैठा हुआ था संत अकेला... उम्र.. महज़ थी तीस...

गज़ल

ख़ज़ाने निकल आए!

ख़ज़ाने निकल आए! मिट्टी के' हटाते ही' ख़ज़ाने निकल आए! दिन रात अनायास सुहाने निकल आए!! आकाश ने' पैग़ाम दिया तूफ़ान का' लेकिन! चालाक़ हवाओं के' बहाने निकल...

आभा सिंह:देश कोई चीज़ नहीं(राखी और आज़ादी,विशेषांक-अगस्त 2017)

आभा सिंह:देश कोई चीज़ नहीं(गज़ल) देश कोई चीज़ नहीं एक भाव होता है, हमवतनों का शामिल ख़्वाब होता है। नदी, वर्षा, पंछी,आदमी कुछ भी नहीं, अपने हैं...

हाइकु

लघुकथा

चप्पल (लघुकथा )by Dr.Purnima Rai

चप्पल (लघुकथा )Dr.Purnima Rai आज सब छात्र छात्राएँ बेहद खुश थे।खुश इसलिये कि आज वह एक लंबे अरसे बाद शैक्षिक भ्रमण हेतु सांइस सिटी देखने...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

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