कविताएं

कुछ फिक्र नहीं !!by Dr.Purnima Rai

कुछ फिक्र नहीं !!by Dr.Purnima Rai कुछ फिक्र नहीं तुम जो हो पास गुजर जायेगा हर लम्हा यूँ ही तेरे संग बातें करते-करते!! रास्ते भी हैं सामने रूख बदलने का मन नहीं अब...

गज़ल

तू जो मुझसे जुदा हो गया!!

ग़ज़ल तू जो मुझसे जुदा हो गया। आईना भी ख़फ़ा हो गया।। ढूंढती हूँ उसे दर- ब- दर। वो जो लम्हा हवा हो गया।। बस नज़र से नज़र क्या...

एक जुमला नया उछाला है!!

गज़ल (अजय तोमर) झूठ का जग में बोलबाला है। सत्य का खो गया शिवाला है।। राज है हर तरफ अँधेरों का। अब मयस्सर कहाँ उजाला है।। ओरतों को कहाँ...

हाइकु

लघुकथा

चप्पल (लघुकथा )by Dr.Purnima Rai

चप्पल (लघुकथा )Dr.Purnima Rai आज सब छात्र छात्राएँ बेहद खुश थे।खुश इसलिये कि आज वह एक लंबे अरसे बाद शैक्षिक भ्रमण हेतु सांइस सिटी देखने...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

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