कविताएं

जीवन- पथ!!

, "जीवन- पथ" ----------------------------- जटिल नही है ये "जीवन पथ," पर, उलझी सुलझी राहें हैं। कोई देखता किसी नजर से, किसी की ओर निगाहें हैं।। मानो तो है नरम दूब ये वर्ना पत्थर के टीले किसी राह रेशे रेशम के, कहीँ हैं चुभते...

गज़ल

जब जनाजा सनम घर से जाने लगा(गज़ल)

ज़नाज़ा --- ग़ज़ल ************** जब जनाज़ा सनम घर से जाने लगा। बनके खुशबू तू मुझमें समाने लगा । हो गया आँख से जब तू ओझल प्रिये। हर घड़ी याद...

जिंदगी का दौर

गज़ल जिंदगी का दौर कैसा चल रहा, आदमी ही आदमी से जल रहा। होड़ की इस दौड़ के टकराव में, नफरतों का बीज दिल में पल रहा मिल रहा...

हाइकु

लघुकथा

आज़ादी (लघुकथा)

आजादी(लघुकथा) माँ आंगन में बैठी चावल चुन रही थी तब तक पीछे से आठ साल का एक अबोध बालक राजू गले से लिपट कर...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

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