कविताएं

हरे पेड़ ना काटे होते!!

पृथ्वी दिवस पर"कविता का कोना" -------------------------------------------- " -पर्यावरण " ------------------------------------- मैले कुचले कपडे, मिट्टी मे सने हाथ बदन से उठती पसीने की गंध। गरम हवा के थपेडों को सहन करता थका हारा...

गज़ल

जब जनाजा सनम घर से जाने लगा(गज़ल)

ज़नाज़ा --- ग़ज़ल ************** जब जनाज़ा सनम घर से जाने लगा। बनके खुशबू तू मुझमें समाने लगा । हो गया आँख से जब तू ओझल प्रिये। हर घड़ी याद...

हाइकु

लघुकथा

दादी का प्रेम !!

दादी का प्रेम  शांतिधाम में दादी की चिता को मुखाग्नि देते हुए रमेश के आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे । उसके पिता...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

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