कविताएं

धरती कहे पुकार के!!

🌎.....धरती कहे पुकार के (धरती-दिवस पर विशेष) सुनो ! माँ चीख उठी है क्योंकि..औलाद ने नोच नोच के खा लिया है... भूमि पे..भौमसुरों ने पापी साम्राज्य बसा लिया है इन...

गज़ल

आंधियों की धुन पे’ गाती ज़िंदगी !!

आंधियों की धुन पे' गाती ज़िंदगी आंधियों की धुन पे' गाती ज़िंदगी! दीप हिम्मत के जलाती  ज़िदगी!! *************************** वक्त की सरगोशियों के साज़ पर! दिलनशीं नगमे सुनाती जिंदगी!! *************************** चूम लेता...

कैसे (गज़ल)

कैसे (गज़ल ) -------------------------------------- दिल में आस जगायें कैसे। प्रेम की ज्योत जलायें कैसे। -------------------------------- कीचड़ भरा है मँझधारो में। हम नैया पार लगायें कैसे। --------------------------------- नीयत खराब यहाँ पे सबकी। मंदिर-मस्जिद हम...

हाइकु

लघुकथा

दादी का प्रेम !!

दादी का प्रेम  शांतिधाम में दादी की चिता को मुखाग्नि देते हुए रमेश के आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे । उसके पिता...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

error: Content is protected !!