कविताएं

रक्त अब बहता नहीं है !

रक्त अब बहता नहीं हैै (सुुुशील शर्मा)   एक सूरज चाँद समूचा  थोड़े आवारा से तारे डूबते जाते है मेरे रक्त में डूबती सुबह और ऊगती शाम लगते है मुझे अपने आस...

गज़ल

तेरी नजर ने(डॉ.यास्मीन खान)

ग़ज़ल शहर में हलचल मचा दी इस ख़बर ने। मार डाला हमको तो तेरी नज़र ने।। चौंककर सारा ज़माना रह गया है। रूप आदम का लिया बूढ़े शजर...

वक्त बदलेगा हमारा देखना( गज़ल)

गज़ल वक्त बदलेगा हमारा देखना ! शान से होगा गुज़ारा देखना !! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: गरदिशों के काफ़िले को रौंदकर ! ज़िंदगी देगी सहारा देखना !! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: अज़्मो-हिम्मत की निशानी है यही ! तुँद...

हाइकु

लघुकथा

फ़ासला (लघुकथा)

फ़ासला (लघुकथा) कपास के फाहे से बीज निकाल कर शाम के समय दीपक लगाने के लिए बत्तीयाँ बनाते बनाते मिनकी की दादी ने आवाज लगाई, मिनकी...जरा...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

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