कविताएं

न जाने क्यों by Dr.Purnima Rai

न जाने क्यों (कविता )by Dr.Purnima Rai रिश्तों को सहेजते रहे कपड़ों की तरह एक उम्र भी अब लगने लगी है कम न जाने क्यों !! कपड़े तो नित...

गज़ल

ख़ज़ाने निकल आए!

ख़ज़ाने निकल आए! मिट्टी के' हटाते ही' ख़ज़ाने निकल आए! दिन रात अनायास सुहाने निकल आए!! आकाश ने' पैग़ाम दिया तूफ़ान का' लेकिन! चालाक़ हवाओं के' बहाने निकल...

याद में दिल खो गया (संगीता पाठक)

गज़ल याद में दिल खो गया बेकार में। हाल कुछ ऐसा हुआ है प्यार में। हार में भी बस लगे है जीत सी, जीत का कैसा मज़ा दिल...

हाइकु

लघुकथा

चप्पल (लघुकथा )by Dr.Purnima Rai

चप्पल (लघुकथा )Dr.Purnima Rai आज सब छात्र छात्राएँ बेहद खुश थे।खुश इसलिये कि आज वह एक लंबे अरसे बाद शैक्षिक भ्रमण हेतु सांइस सिटी देखने...

दोहे

प्रकाशित पुस्तकें

ओस की बूँदें (काव्य संग्रह) का लोकार्पण समारोह (झलकियाँ)

1*ओस की बूँदें ( डॉ.पूर्णिमा राय) काव्य संग्रह 2*"सुरेन्द्र वर्मा का साहित्य "आलोचना ग्रंथ by Dr purnima Rai

घनाक्षरी

आलेख

छंद ज्ञान

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